मिट्टी का मटका और परिवार दोनों एक जैसे ही हैं क्यों कि इसकी कीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नही







सुबह का सलाम कैसे है आप


मिट्टी का मटका और परिवार दोनों एक जैसे ही हैं ऐसा इसलिए कि इसकी कीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोड़ने वाले को नही ? दोनों ही टूटने के बाद जुड़ने मुश्किल हैं।


पक्के हुए फल की तीन पहचान होती है… एक तो वह नर्म हो जाता है दूसरे वह मीठा हो जाता है तीसरे उसका रंग बदल जाता है, इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है पहली उसमें नम्रता होती है दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है।








समय , सत्ता संपत्ति और शरीर चाहे साथ दे ना दे, लेकिन स्वभाव, समझदारी और सच्चे संबंध हमेशा साथ देते हैं। जन्म से ना तो कोई दोस्त पैदा होता है और ना ही दुश्मन वह तो हमारे घमंड, ताकत या व्यवहार से बनते है, ज़िंदगी को अगर खुल कर जीना है तो थोडा सा झुक कर तो देखो फिर देखना ये ईश्वर आपको कितना ऊँचा उठा देंगा।








प्रिय मित्र आपको यह आर्टिकल पसन्द आया हो तो Comments जरूर कीजिएगा। दिल से बहुत बहुत शुक्रिया मेरे प्रिय मित्र। महाकाल आपकी सब मनोकामना पूर्ण करें, उनका स्नेह आपको और आपके सारे परिवार को सदैव मिले।:):):)


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